हमें कौन सी चीजें पीछे धकेल रही है ? What are we pushing behind?

 

What are we pushing behind कोई महान पैदा होता है, कोई महान बनना चाहता है,तो कोई महानता को हासिल करता है।

What are we pushing behind एक बार किसी ने एक किसान से पूछा, “क्या तुमने इस मौसम में गेहूं की फसल बोई है ? ” किसान ने जवाब दिया, “नहीं , मुझे बारिश ने होने का आदेश था। उस आदमी ने पूछा, क्या तुमने मक्के की फसल बोई है ?” किसान ने जवाब दिया “नहीं, मुझे डर था कि कीड़े मकोड़े खा जाएंगे ” तो उस आदमी ने पूछा आखिरकार तुमने बोया क्या है? “किसान ने जवाब दिया “कुछ नहीं”, मैं कोई खतरा नहीं उठाना चाहता था।

                 Moral:- खतरे उठाने से बचना

1. खतरे उठाने से बचना (Unwillingness to Take Risks)

दोस्तों कई लोग ऐसे होते हैं जो कि अपना फैसला खुद नहीं ले पाते और उन्हें फैसला ने लेने की आदत बन जाती हैं। और वह बीमारी छुआछूत की बीमारी की तरह फैलती है ऐसे लोग फैसला ने लेने के कारण कई अवसरों को अपने हाथ से गवा देते हैं।

 

2. लगातार कोशिश की कमी (Lack of Persistence)

What are we pushing behind जब मुश्किलों पर काबू पाना नामुमकिन लगता है, तो भागना सबसे आसान तरीका नजर आता है। यह बात जैसे शादी नौकरी रिश्ते परिवार इन सब पर लागू होती हैं।जीतने वाले चोट भले ही खाए लेकिन मैदान नहीं छोड़ते। हमने जिंदगी में कहीं ना कहीं किसी ने किसी जगह ठोकर खाई है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम असफल हो गए।

 एक बेहतरीन इंसान ने यह कहा है की कोई आदमी इसलिए हीरो नहीं होता कि वह किसी और से ज्यादा बहादुर हैं बल्कि इसलिए होता है कि क्योंकि वह अपनी बहादुरी दूसरों की तुलना में 10 मिनट ज्यादा दिखाता है।
                                                                                                             – राल्फ़ वा इमर्सन

 

3. शॉर्टकट की तलाश (Looking for Shortcuts)

आज लोगों की समस्या यही है की वह हर मसले का हल फौरन फौरन चाहते हैं। हर कोई चाहता है कि मुझे 1 मिनट में समाधान मिल जाए। तुरंत हासिल होने वाली कॉफी की तरह वे फौरन हासिल होने वाली खुशियां बी जाते हैं। लेकिन ऐसा कोई फार्मूला नहीं है। इस तरह का नजरिया बाद में निराशा को जन्म देता है और इंसान के सपने टूट जाते हैं। इसीलिए इस दुनिया में कोई भी चीज शॉर्टकट नहीं है आपको मेहनत करनी पड़ेगी मेहनत करने के बाद जो मिलेगा वह सबसे अच्छा और बेस्ट होता है इसीलिए हमेशा चलते रहिए ताकि एक न एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी।

 

4. बहाने बनाना (Retionalisation)

   जीतने वाले बारीकी से जांच – परख तो करते हैं,और बहाने नहीं बनाते हैं।

 

बहाना वही इंसान बनाता है जो अपने आप को हारा हुआ महसूस करता है यह हारने वालों की आदत होती है। ऐसे लोगों के पास अपनी एक लिस्ट होती है जो की पूरी तरह से बहाना बनाने की है

♦ मैं बदनसीब था।
♦ मेरी किस्मत खराब है।
♦ मेरी उम्र कम है।
♦ मेरी उम्र ज्यादा है।
♦ मैं शिक्षित नहीं हूं।
♦ मैं सुंदर नहीं हूं।
♦ मेरे अधिक संपर्क नहीं है।
♦ मेरे पास ज्यादा पैसा नहीं है।
♦ मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है।
♦ काश मुझे मौका मिला होता।

इस तरह से इनके पास बाहनों की लिस्ट बढ़ती ही जाती है अगर किसी आदमी को सफल होना है तो बहाने बनाना बंद करना पड़ेगा और सफल होने के लिए दो बातों पर निर्भर करता है – पहला वजह और नतीजे। वजह पर कोई ध्यान नहीं देता पर नतीजे मायने रखते हैं। What are we pushing behind

 

5. डर (Fear)

यह भी एक कारण होता है कि डर की वजह से इंसान अपने नतीजे बदल देता है। डर वास्तविक हो सकता है, और काल्पनिक भी। हमेशा ऐसा लगता है कि कुछ गलत ना हो जाए और डर कर जीना भावनाओं की कैद में जीने के समान है। डर जो होता है वह हमारी क्षमता और योग्यता को नष्ट कर देता है डरा हुआ इंसान स्पष्ट ढंग से सोच नहीं पाता है डर रिश्तो और सेहत को नष्ट कर देता है।

♦ असफलता का डर।
♦ कुछ अनजानी चीजों का डर।
♦ तैयारी पूर्ण ना होने का डर।
♦ गलत फैसलों का डर।

अगर हम इस से बाहर निकलने की कोशिश नहीं करेंगे तो हमारे अंदर परमानेंट एक डर बैठ जाएगा और हम कभी इससे बाहर नहीं निकल पाएंगे क्योंकि बच्चा जब चलना स्टार्ट करता है तो शुरुआत में गिरता है उठता है गिरता है उठता है और गिर गिर के वह चलना सीख जाता है इसीलिए घुटनों के बल बैठकर डरी हुई जिंदगी जीने से अच्छा है पैरों पर खड़ा होकर चलना। What are we pushing behind

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What are we pushing behind सफलता हासिल करने के लिए कुछ नुस्खे

♦ हारने के लिए नहीं, बल्कि जीतने के लिए खेलें।
♦ दूसरों की गलतियों से सीखे।
♦ ऊंचे चरित्र वाले लोगों से संबंध रखें।
♦ जितना पाते हैं, उससे अधिक देने की कोशिश करें।
♦ बिना कुछ दिए, कुछ पाने की उम्मीद ना रखें।
♦ हमेशा दूर की सोचे।
♦ अपने आप को पहचाने और अपना विकास करें।
♦ फैसला लेते समय हमेशा हालातों को ध्यान में रखें।
♦ अपनी सच्चाई के साथ कभी समझौता ना करें। pushing-behind

 

 Hello Everyone मैं dgspecial.com से दिनेश गहलोत Motivational Speaker Business Coach, Network Marketing Speaker कैसे कोई अच्छी योग्यता ज्ञान और अनुभव होने के बाद भी अपने विचारों को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाने के कारण असफल हो जाते हैं। ब्लॉग पर आपको आज मेरे द्वारा बताई गई मोटिवेशनल बातें कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपना कमेंट करें.      

 

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