व्यक्तित्व विकास : Personality Development Part -1

Personality Development सकारात्मक (POSITIVE) दृष्टिकोण का निर्माण

यदि आपको लगता है कि आप कर सकते हैं, या फिर लगता है कि आप नहीं कर सकते हैं, इन दोनों ही स्थिति में आप बिल्कुल राइट हैं सही है।

 

अगर आप अपना व्यक्तित्व विकास (personality development) करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको आपके लिए सही क्या है वह आपको चुनना पड़ेगा जिसके लिए सबसे पहले आपको सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना पड़ेगा। क्योंकि दोस्तों इस प्रकृति पर जो चल रहा है उसके विरुद्ध मुकाबला करना हमारे लिए असंभव हो जाएगा इसीलिए प्रकृति के अनुसार चलें। Personality Development

जिस प्रकार हम एक कांटा निकालने के लिए किसी दूसरे कांटे का सहारा लेना पड़ता है। अगर आपको तकलीफ महसूस हो रही है या परेशानी हो रही है तो सबसे पहले हमें अपना दृष्टिकोण बदलना होगा।

जो भी सफल लोग आज तक हुए हैं वह कुछ ना कुछ हमेशा नया सीखते हैं इसीलिए आज वह सफल है और उनका दृष्टिकोण हमेशा पॉजिटिव रहा है। क्योंकि जैसी संगति रहेगी वैसी रंगत आएगी। क्योंकि किसी को ऊपर वाले ने अलग से कोई स्पेशलिस्ट बनाकर नहीं भेजा है इस दुनिया में उसने सबको एक समान बना कर इस दुनिया में भेजा है यह यही सब कुछ इसी प्रकृति पर रहकर सीखता है इंसान। इसी कठिन समय में कमजोर लोग टूट जाते हैं और जो ठान लेते हैं वह कुछ करके दिखाते हैं। Personality Development

दृष्टिकोण हमारी योग्यता से भी अधिक काम में आता है या ऐसा बोला जाए कि उपयोगी होता है दृष्टिकोण से ही हमारी कामयाबी का पता चलता है कि हम कहां तक जा सकते हैं। ईश्वर ने हम सब को एक समान दिमाग दिया है जैसे जैसे विचार अपने अंदर डालेंगे वैसे वैसे विचार बाहर निकलेंगे।

व्यक्तित्व विकास Personality Development यह सब बातें व्यक्तित्व विकास की पहली कड़ी है जो कि पॉजिटिव हमें बनती है।

आज हम जरूरत से अधिक ज्ञानी है, लेकिन समझदार नहीं।

 

आपका नजरिया (VIEW) और आप आपका शिष्टाचार (WELL MANNERED)

 Personality Developmentदोस्तो नजरिए को हम भिन्न भिन्न प्रकार से परिभाषित कर सकते हैं लेकिन आज मैं आपसे बात करने वाला हूं कि नजरिया हमारा जो देखने का जो दृष्टिकोण वह किस प्रकार व्यक्तित्व विकास के अंदर काम में आता है। Personality Development

जैसे कि आप भाग्य से ज्यादा कर्म पर विश्वास करते हैं, हमेशा आप अपने आने वाले कल की योजनाएं बनाते हैं और उन योजनाओं पर काम करते हैं उनके परिणाम को देखने के लिए अपना टाइम खराब नहीं करते हैं। आप अपने जीवन में बिना अलग किए ज्यादा से ज्यादा अपने समय को काम में लेते हैं उपयोग में लेते हैं।

आप जहां भी रहते हैं आप अपने आपको उसी माहौल में ढाल लेते हैं, आप सोच लेते हैं कि आपको जो कार्य करना है या जो काम करना है उसको करके ही रहते हैं। ऐसा नहीं कि आप उस कार्य के लिए किसी पर निर्भर हो जाए। आपको अगर कोई दोषी ठहरा रहा है या आप किसी को दोषी ठहरा रहे हैं तो अगले की गलती के पीछे जो चुप ही मजबूरी है उनको समझ पा रहे हैं या नहीं। आप किसी काम को किए हैं और उसमें आपको असफलता मिली है यानी कि आप को हार मिली है तो आप बहाना ना बना कर अपनी कमियों को सुधार करते हैं।

काम करने में आनंद आए तो जीने का मजा ही कुछ और है! काम के बोझ बन जाए तो हम गुलाम बन जाते हैं।
शिष्टाचार

1. सोच समझ कर बोलना, किसी की बातचीत के बीच में ना बोलना।

2. किसी की पर्सनल लाइफ के बारे में पूछने का हमारे को कोई अधिकार नहीं है।

3. अगर हम ग्रुप में खड़े हैं तो वहां पर हमारे से कोई गलती हुई है तो एक्सेप्ट करना।

4. फैमिली में अगर हमारे मेहमान आए हैं उनको दरवाजे तक वापस छोड़ने के लिए जाना।

 

Personality Development आपका व्यवहार(BEHAVIOUR) कैसा है और यह आपको कहां तक ले जा सकता है।

दुनिया में मेहनती लोगों की कमी नहीं है, कुछ काम करना चाहते हैं, और कुछ छुटकारा पाना

हम संसार में जो कुछ करते है व्यवहार है . तुम जैसा करोगे वही सामने आयेगा . यह संसार एक शीशा है , जैसा मुख बनाओगे वैसा ही दिखेगा . हम अपने साथ ओरों का अच्छा व्यवहार चाहते है , लेकिन इससे पहले अपना ओरों के साथ कैसा व्यवहार है यह जरुर देख लें .

व्यवहार हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य है, जिसका व्यवहार अच्छा नहीं उसका परमार्थ भी ठीक नहीं कहा जाता है, हाँ , यह तो है कि जिसका परमार्थ सही है उसका व्यवहार भी अच्छा होगा क्योकि यह दोनों कम मन के ही द्वारा होता है, अशुद्ध मन न व्यवहार संभाल सकता है न परमार्थ . जब तक मन में रजोगुणी और तपोगुनी धारें उठती रहेंगी व्यवहार सत्य नहीं हो सकता.Personality Development

 Personality Development

 

♦ अपनी तुलना दूसरों से ना करें।
♦ आप जैसे हैं वैसे ही बार करें।
♦ अपने आप को प्यार करने की आदत डालिए।
♦ एक छोटा सा परिवर्तन आप अपने अंदर लाए।
♦ चीजों को सकारात्मक देखने की कोशिश करें।
♦ किसी की मदद करने पर आप एहसास की तरह किसी को मत बताइए।
♦ जीवन में कभी जल्दबाजी ना करें।
♦ हमेशा सच्चाई का साथ दें।
♦अपने गुस्से पर काबू रखिए।
♦ दूसरों की सफलता  उनकी चीजों में खुश रह है।
♦ सभी का सम्मान करें।

 

Hello Everyone मैं dgspecial.com से दिनेश गहलोत Motivational Speaker Business Coach, Network Marketing Speaker कैसे कोई अच्छी योग्यता ज्ञान और अनुभव होने के बाद भी अपने विचारों को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाने के कारण असफल हो जाते हैं। ब्लॉग पर आपको आज मेरे द्वारा बताई गई मोटिवेशनल बातें कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपना कमेंट करें.Personality Development 

 

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